“एक नेक व अच्छा इंसान वही है, जो प्रकृति मे सभी छोटे-बड़े, अतिसुक्ष्म, निर्जीव-जीव प्राणियों का व वनस्पति जगत का आदर करता है और उनके संरक्षण को परम धर्म मानता हैं”- रुपक सिख धर्म सिख धर्मग्रंथ, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, की सबसे पहली पंक्ति है – ‘कर्ता-पुरुख‘ जिसका अर्थ है कि ‘वाहेगुरु जी’, “इक ओंकार“- […]